
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में अचानक बदले मौसम के मिजाज ने एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम को प्रभावित कर दिया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का अल्मोड़ा में प्रस्तावित दौरा खराब मौसम के कारण ऐन वक्त पर रद करना पड़ा। आसमान में घने बादलों और विजिबिलिटी कम होने की वजह से उनके हेलीकॉप्टर को लैंड करने की अनुमति नहीं मिल सकी, जिसके बाद उन्हें वापस पंतनगर लौटना पड़ा। हालांकि, राहुल गांधी ने जनता को निराश नहीं किया और मोबाइल फोन के जरिए ही जनसभा को संबोधित किया।
जब प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने माइक पर लगाया मोबाइल
अल्मोड़ा के कार्यक्रम स्थल पर राहुल गांधी का इंतजार कर रहे हजारों कार्यकर्ताओं और आम लोगों के बीच उस समय हलचल बढ़ गई, जब कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने मंच पर आकर उनके कार्यक्रम रद होने की विधिवत घोषणा की। लेकिन इसके तुरंत बाद, उन्होंने राहुल गांधी को मोबाइल पर लाइन पर लिया और फोन को सीधे जनसभा के माइक से सटा दिया। “पंतनगर और अल्मोड़ा के बीच मौसम बहुत ज्यादा खराब होने के कारण हमें वापस लौटना पड़ा। मैं आपके बीच आना चाहता था, लेकिन कुदरत को कुछ और मंजूर था। पर आप निराश मत होइए, मैं बहुत जल्द दोबारा उत्तराखंड आऊंगा और आप सब से सीधा संवाद करूंगा।”
“उत्तराखंड को दिल्ली से रिमोट कंट्रोल से चलाया जा रहा है”
अपने फोन संबोधन में राहुल गांधी ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर जमकर सियासी तीर चलाए। उन्होंने उत्तराखंड की अस्मिता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जब यह राज्य बना था, तब इसका विजन था कि यहां का भविष्य यहां के लोगों के हाथ में होगा। लेकिन आज उत्तराखंड को यहां के लोग नहीं, बल्कि दिल्ली से रिमोट कंट्रोल के जरिए चलाया जा रहा है और प्रदेश के कीमती प्राकृतिक संसाधनों को लूटा जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर सीधा हमला बोलते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इन दोनों नेताओं ने मिलकर देश के आर्थिक ढांचे को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया है। नोटबंदी करके माताओं-बहनों के घरों में जमा पैसा छीन लिया गया और गलत जीएसटी (GST) लागू करके छोटे और मध्यम दर्जे के व्यापारियों को बर्बाद कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने देश के कृषि और शिक्षा के पूरे सिस्टम को खत्म कर दिया है, जिससे आज एक बड़ी आर्थिक सुनामी आ गई है।
“नरेंद्र मोदी का कंट्रोल डोनाल्ड ट्रंप”
राहुल गांधी ने देश की विदेश नीति पर भी बेहद आक्रामक बयान दिया। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने भारत की विदेश नीति को अमेरिका के सामने पूरी तरह सरेंडर (आत्मसमर्पण) कर दिया है। हम आज किस देश से तेल खरीद सकते हैं और किससे नहीं, यह भी वहीं से तय होता है जहां से अमेरिका कहता है। राहुल गांधी ने दो टूक शब्दों में कहा, “नरेंद्र मोदी देश की जनता के लिए नहीं, बल्कि अमेरिका और अपने चुनिंदा अरबपति दोस्तों के लिए काम करते हैं। नरेंद्र मोदी का असली कंट्रोल अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हाथों में है।” भाषण के आखिरी हिस्से में राहुल गांधी ने विपरीत परिस्थितियों में भी डटे रहने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं की पीठ थपथपाई और उन्हें ‘बब्बर शेर’ कहकर संबोधित किया। उन्होंने एक बार फिर वादा दोहराया कि वे बहुत जल्द उत्तराखंड की जनता के बीच आकर अपनी बात रखेंगे.



